दुबई का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ फेल!!

0

जैसा की आप सबको पता है दुबई हमेशा से इतना अमीर मुल्क कभी नहीं था लेकिन वहां की रूरल शेख मोहम्मद बिन रशीद ने कुछ ऐसे कारनामे की जिसकी वजह से दुबई आज पूरे विश्व में एक नंबर टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है।
दुबई को इतनी ऊंचाइयों पर लाना कोई आसान काम नहीं था क्योंकि दुबई सबसे पहले अपने तेल से होने वाली व्यापार पर पूरी तरह से निर्भर था।
लेकिन फिर उनके रूरल शेख मोहम्मद ने अपने विजन से और अपने दिमाग कुछ ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए की जिनकी वजह से दुबई ने विश्व में अपनी एक अलग जगह बना ली इनमें से सबसे अच्छा प्रोजेक्ट था बुर्ज खलीफा और सेवन स्टार होटल बुर्ज अल अरब दुनिया का एकमात्र सेवन स्टार होटल है।
इसी तरह उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए एक और नया प्रोजेक्ट शुरुआत करने की तैयारी की।
प्रोजेक्ट का नाम था द वर्ल्ड Island जो कि शुरू हुआ सन 2003 में । इस प्रोजेक्ट में उन्होंने धरती के आकार का मानव निर्मित एक आईलैंड बनाने की सोच को आगे रखा
जी हां और सोच की काफी सराहना हुई और विश्व के तमाम बड़े बिजनेसमैन और मैं फिल्म अभिनेताओं ने इस प्रोजेक्ट में अपने पैसे लगाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।
यह प्रोजेक्ट समंदर में तैयार होना था। जिसके लिए उन्होंने समंदर नहीं मिट्टी इकट्ठे स्टार्ट की और 300 आईलैंड बनाने का निर्णय लिया।

 

 

आईलैंड ऊपर से देखने से सैटेलाइट की तस्वीरों में बिल्कुल धरती के आकार का दिखना था।

इससे पहले भी दुबई में से 3 प्रोजेक्ट तैयार किए थे
के नाम से पाम जबल अली पाम जुमेरा और पाम देरा । स्पेस से देखने पर पाम वृक्ष की तरह दिखाई देते हैं।
यह प्रोजेक्ट 2001 में स्टार्ट किया गया था
इस प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन को खत्म होने से पहले ही उन्होंने अपना एक नया आईडिया लांच कर दिया। इसका नाम ही द वर्ल्ड प्रोजेक्ट था।
दुबई की कोस्टलाइन लाइन पहले मात्र 75 किलोमीटर थी जो कि इस प्रोजेक्ट के बाद 56 किलोमीटर तक बढ़ गई थी।
और इसी सफलता के बाद द वर्ल्ड प्रोजेक्ट स्टार्ट किया गया। इस प्रोजेक्ट में बड़े बड़े बिजनेसमैन और रॉयल फैमिली ने काफी पैसा लगाया
इस प्रोजेक्ट में 300 छोटे आयरलैंड बनाने का काम शुरू किया गया। इन आईलैंड को को अलग-अलग देश के नाम से जाना जाना था
इस प्रोजेक्ट में सबसे छोटी आईलैंड की कीमत 112 करोड रुपए रखी गई थी।
ओर बड़े आईलैंड की कीमत का तो कहना ही क्या ₹375 करोड रखी गई थी ।
फिर भी पैसों की कहीं पर भी कोई दिक्कत नहीं आ रही थी।
कंस्ट्रक्शन पूरा होने से पहले ही 2008 में 60% आईलैंड बिक चुके थे।
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दुबई को 14 अरब डॉलर खर्च करने पड़े थे ।
जिनकी कीमत 9 बुर्ज खलीफा के बराबर थी।
दुबई के शेख का सपना था कि वह सिर्फ दुबई की जमीन ही नहीं बल्कि समुंदर से भी पैसा कमाना चाहते थे।
यह आइलैंड 9 किलोमीटर लंबा और 6 किलोमीटर चौडा हैं
लेकिन लेकिन फिर ऐसा क्या होता है कि इतनी तैयारी करने के बाद इतना पैसा खर्च करने के बाद भी 12 साल के बाद भी यह प्रोजेक्ट तैयार नहीं हुआ और वह आइलैंड अभी तक भी खाली पड़े है।
सन 2008 में द वर्ल्ड प्रोजेक्ट की लांचर की गई थी जिसमें दुबई को पटाखों से चमका दिया गया था।
लेकिन फिर भी शेख को इस प्रोजेक्ट में नाकामी हासिल हुई क्योंकि इसका डिजाइन धरती के आकार का नहीं बन पाया था।
पर इतनी सी बात काफी नहीं थी। क्योंकि से को इससे भी बड़ी समस्या का सामना तब करना पड़ा जब आईलैंड्स में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था उसी समय पता चलता है कि कुछ आइलैंड धीरे धीरे समुंदर में जमीन दोष हो रहे हैं।
यह खबर जहा खतरनाक थी वही मीडिया ने जिन लोगों ने इसमें पैसे लगाए थे उनका विश्वास भी कम कर दिया,
यह समस्या समुंदर में इरोजन की वजह से हुई थी। और इसका प्रभाव सिर्फ the world प्रोजेक्ट पर ही नहीं बल्कि पहले बनाए गए तीन आइस्लेंड की कॉस्ट लाइन पर भी पड़ा था । इसी वजह से दुबई की सरकार ने रबड़ प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन उसी वक्त रोक दिया। क्योंकि प्रकृति से खिलवाड़ करना दुबई को महंगा पड़ रहा था ।
द वर्ल्ड प्रोजेक्ट में कुछ आइलैंड ऐसे भी थे जिनमें से लग्जरी विलास होटल पैलेस तैयार हो चुके थे ।
दुबई सरकार अब भी वहां पर कुछ नया करने की कोशिश कर रही है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *